सीएमईआरआई में सफाई कर्मियों के लिए 30 घंटे के सुरक्षा प्रशिक्षण का शुभारंभ

सीएमईआरआई में सफाई कर्मियों के लिए 30 घंटे के सुरक्षा प्रशिक्षण का शुभारंभ

दुर्गापुर : सीएसआईआर-केंद्रीय यांत्रिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (CSIR-CMERI), दुर्गापुर परिसर में गुरुवार को सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों (SSWs) के लिए 30 घंटे के व्यावसायिक सुरक्षा एवं कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्ययोजना (NAMASTE) योजना के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सफाई मित्रों को कार्यस्थल पर सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और मशीनीकृत स्वच्छता व्यवस्था के प्रति प्रशिक्षित करना है।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार की शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में दुर्गापुर, आसनसोल और बर्दवान के सफाई कर्मियों के अलावा नगर निकायों के अधिकारी, शोधकर्ता एवं अन्य संबंधित लोग शामिल हुए।

मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मी केवल एक श्रेणी के श्रमिक नहीं हैं, बल्कि वे शहरों और समाज को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इन कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मैनुअल स्कैवेंजिंग को पूरी तरह समाप्त कर सुरक्षित, सम्मानजनक और मशीनीकृत कार्य वातावरण तैयार करने पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि राज्य में सीवर एवं सेप्टिक टैंक से जुड़े करीब 60,630 कर्मियों का व्यापक डेटाबेस तैयार किया जाएगा। प्रत्येक कर्मी को कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए PPE (व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण) किट उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। राज्य के 124 नगरपालिकाओं/नगर निगमों तथा तीन कैंटोनमेंट बोर्डों में जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जा चुके हैं। आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए कर्मियों के ब्लड ग्रुप का डाटा भी एकत्र कर इमरजेंसी डेटाबेस तैयार किया गया है।

NSKFDC के प्रबंध निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि सफाई कर्मी भारत सरकार की दो प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से दो लाख रुपये तक का बीमा कवर प्राप्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर CSIR-CMERI के निदेशक डॉ. एन. सी. मुर्मू ने कहा कि संस्थान में स्थापित स्वच्छ भारत टेस्ट-बेड एंड इनोवेशन सेंटर स्वच्छता एवं इससे जुड़े क्षेत्रों में अनुसंधान, विकास, परीक्षण और तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय मंच के रूप में कार्य कर रहा है। इसका उद्देश्य प्रयोगशाला में विकसित तकनीकों को जमीनी स्तर पर लागू करने के बीच की दूरी को कम करना है।

उन्होंने बताया कि CSIR-CMERI ने स्वच्छता क्षेत्र में कई तकनीकें विकसित की हैं, जिनमें मैकेनाइज्ड सेप्टिक टैंक क्लीनिंग, इलेक्ट्रिक ड्रेन क्लीनिंग मशीन और ड्रेन सफाई से जुड़ी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं।

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