कोयला क्षेत्र से औद्योगिक विस्तार की ओर पांडवेश्वर, निवेश को लेकर उद्योग जगत से संवाद

कोयला क्षेत्र से औद्योगिक विस्तार की ओर पांडवेश्वर, निवेश को लेकर उद्योग जगत से संवाद

सुजीत कुमार 

पांडवेश्वर : पश्चिम बर्दवान जिले के पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं को लेकर मंगलवार को बकोला स्थित गुलमोहर क्लब में विशेष बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता पांडवेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में नए उद्योगों को बढ़ावा देना तथा उद्योगपतियों और व्यवसायियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विधायक जितेंद्र तिवारी ने बताया कि पांडवेश्वर क्षेत्र में निवेश को लेकर अब तक करीब 1,000 करोड़ रुपये के निवेश की अपील/रुचि सामने आई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत से जुड़े लोगों को आगे आकर निवेश की संभावनाओं पर विचार करना चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद उपस्थित अतिथियों का सम्मानीत किया गया। बैठक में आसनसोल-दुर्गापुर शिल्पांचल के उद्योगपति, व्यवसायी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तापस राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के डायरेक्टर (टेक्निकल) गिरीश गोपीनाथ नायर भी मौजूद रहे। इसके अलावा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की राज्य मंत्री मौमिता बिस्वास मिश्रा, पश्चिम बर्दवान के जिलाधिकारी एस. पोननम्बलम तथा पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणय कुमार उपस्थित रहीं।

विशेष अतिथियों के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता देबतअनु भट्टाचार्य, रानीगंज के विधायक पार्थ घोष, आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, बाराबनी के विधायक अरिजीत राय तथा दुर्गापुर पश्चिम के विधायक लक्ष्मण चंद्र घोरुई ने कार्यक्रम में भाग लिया।

बैठक में पांडवेश्वर क्षेत्र में नए उद्योगों और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योगपतियों और व्यवसायियों से क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आने की अपील की गई। विशेष रूप से MSME, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, सीमेंट, स्टील डाउनस्ट्रीम सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में संभावनाओं पर जोर दिया गया।

पांडवेश्वर लंबे समय से कोयला उद्योग से जुड़ा क्षेत्र रहा है। ऐसे में कोयला आधारित अर्थव्यवस्था के साथ नए औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार करने की दिशा में निवेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित निवेश यदि वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित होते हैं, तो इससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने पांडवेश्वर की औद्योगिक संभावनाओं और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। अब चर्चा का केंद्र यह है कि बैठक में सामने आई निवेश संबंधी रुचि और प्रस्ताव आगे चलकर कितनी वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदलते हैं।

What's Your Reaction?

like
2
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0