डीएसटीपीएस, डीवीसी में हिंदी दिवस-2026 का उत्साहपूर्वक आयोजन
“हिंदी हमारी राजभाषा होने के साथ ही भारतीय आत्मा का जीवंत प्रतीक भी है।” — सुकदेब खाँ
अंडाल(दुर्गापुर) : दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र (डीएसटीपीएस), दामोदर घाटी निगम (डीवीसी), अंडाल में आज हिंदी दिवस-2026 बड़े उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। राजभाषा कार्यान्वयन उपसमिति के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह का आयोजन परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन के मार्गदर्शन में वरिष्ठ महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) श्री सुखदेव खाँ के नेतृत्व में किया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) श्री सुखदेव खाँ, महाप्रबंधक (अनुरक्षण) श्री सत्य रंजन पांडा, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री श्रीकांत गेडेला, उप महाप्रबंधक (यांत्रिक) श्री ऋषिकेश कुमार, श्री पुलकेश चट्टोपाध्याय, श्री योगेश मिलन, मो. शमीम अहमद सहित डीएसटीपीएस, डीवीसी के सैकड़ों अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम्’ गीत के उपरांत मंगलदीप प्रज्वलित कर किया गया। फिर औपचारिक रूप से 'डीवीसी गीत' कटी प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर राजभाषा हिंदी में कार्यालयीन कार्य करने के प्रति समर्पण को दर्शाने वाली 'राजभाषा पोस्टर' की प्रतियों के लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) श्री सुकदेव खाँ ने परियोजना प्रधान की ओर से सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, “हिंदी हमारी राजभाषा होने के साथ ही भारतीय आत्मा का जीवंत प्रतीक भी है। हिंदी अन्य भारतीय भाषाओं के साथ मिलकर न केवल हमारी राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय अस्मिता को भी उजागर करती है।”
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान करते हुए कहा—
“आइए मिलकर सुर सजाएँ, हर हृदय में प्रकाश जगाएँ।
हिंदी बने कर्म-क्षेत्र हमारा, राजभाषा-दीप सदा जलाएँ।।“
तत्पश्चात् श्रीमती पारिजात चक्रवर्ती ने माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का हिंदी दिवस के अवसर पर राष्ट्र के नाम संदेश पढ़कर सुनाया। इसके बाद श्री ऋषिकेश कुमार ने परियोजना प्रधान, डीएसटीपीएस द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर जारी संदेश-सह-अपील का वाचन किया।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने हिंदी भाषा के महत्व, उसके प्रचार-प्रसार तथा सरकारी एवं कार्यालयीन कार्यों में इसके बढ़ते प्रयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिंदी को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए इसके संरक्षण, संवर्धन एवं अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प व्यक्त किया।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ‘राजभाषा प्रतिज्ञा’ ली और राजभाषा हिंदी के महत्व एवं उसके व्यापक प्रयोग का संदेश दिया।
कार्यक्रम के सफल संचालन एवं संयोजन की जिम्मेदारी डीजीएम श्रीकांत गेडेला, श्रीमती पारिजात चक्रवर्ती तथा श्री अशोक कुमार कपूर ने निभाई। डीजीएम श्रीकांत गेडेला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कार्यालयीन कार्यों में पुनः अधिकाधिक हिंदी का प्रयोग करने की अपील की। 'राष्ट्रगान' की औपचारिक प्रस्तुति के साथ हिंदी दिवस समारोह समाप्त घोषित किया गया।
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