7 जुलाई को दिल्ली में अहम बैठक, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ रोकने पर होगा मंथन
प्रिया मोर्य
नई दिल्ली/कोलकाता : केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने 7 जुलाई को नई दिल्ली में पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ, सीमा सुरक्षा को मजबूत करने तथा आबादी में बदलाव (डेमोग्राफिक शिफ्ट) से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करना है। केंद्रीय समिति के प्रस्तावित जमीनी आकलन से पहले विभिन्न तैयारियों पर भी चर्चा की जाएगी।
बैठक में सीमा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श होने की संभावना है। हाल ही में गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत राज्य सरकार ने सीमा पर मौजूद कुछ कमियों को दूर करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई है। विशेष रूप से उत्तर बंगाल के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण "चिकन्स नेक" कॉरिडोर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य में 12 होल्डिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठियों को स्थानीय जेलों में रखने के बजाय नियमानुसार वापस भेजने की प्रक्रिया को गति मिली है।
इधर, सीमावर्ती जिलों—विशेषकर मालदा और उत्तर दिनाजपुर—में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए जाने के कथित रैकेट का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाने का अभियान तेज कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा प्रणालीगत कमियों को दूर करने के उद्देश्य से मतदाता सूची का ऑडिट भी जारी है।
इसके अलावा, 1 अगस्त से प्रस्तावित डिजिटल जाति जनगणना की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। सरकार का मानना है कि इससे जनसंख्या संबंधी अधिक सटीक और प्रमाणिक आंकड़े उपलब्ध होंगे, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में सहायक साबित होंगे।
(नोट: आपके द्वारा दिए गए मसौदे में "मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी" लिखा गया है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Mamata Banerjee हैं, जबकि Suvendu Adhikari विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। यदि बैठक के आधिकारिक प्रतिभागियों की सूची उपलब्ध हो, तो उसी के अनुसार नाम प्रकाशित करना उचित होगा।)
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