डीवीसी, डीएसटीपीएस में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 17वीं बैठक संपन्न

डीवीसी, डीएसटीपीएस में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 17वीं बैठक संपन्न

तकनीक के साथ राजभाषा का समन्वय कार्यकुशलता और प्रशासनिक संवाद को बनाएगा अधिक प्रभावी : अनिल कुमार जैन

अंडाल (दुर्गापुर) : दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र (डीएसटीपीएस), अंडाल में आधिकारिक कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजभाषा कार्यान्वयन उप-समिति की 17वीं त्रैमासिक बैठक शुक्रवार को दिव्यज्योति भवन के सम्मेलन कक्ष में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान अनिल कुमार जैन ने की।

बैठक का शुभारंभ वरिष्ठ प्रबंधक योगेश मिलन द्वारा स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद हिंदी अधिकारी इस्माईल मियाँ ने निर्धारित कार्यसूची के अनुसार बैठक की कार्यवाही संचालित की। बैठक में पिछली 16वीं बैठक के कार्यवृत्त की संपुष्टि के साथ अप्रैल-जून 2026 की राजभाषा तिमाही प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई। नराकास, दुर्गापुर की 31 जुलाई 2026 को आयोजित प्रथम छमाही बैठक के कार्यवृत्त के विभिन्न बिंदुओं पर भी चर्चा हुई और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए परियोजना प्रधान अनिल कुमार जैन ने कहा कि “डिजिटल युग में राजभाषा का प्रयोग किसी औपचारिकता तक सीमित न रहकर कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए। तकनीक के साथ राजभाषा का समन्वय न केवल कार्यकुशलता बढ़ाता है, बल्कि प्रशासनिक संवाद को भी अधिक पारदर्शी और सुगम बनाता है।”

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनूदित मसौदों का नियमित अध्ययन करने तथा हिंदी को दैनिक शासकीय कार्यों में व्यावहारिक रूप से अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली में अनुवाद टूल/सॉफ्टवेयर को सक्रिय करने, पत्राचार एवं फाइलों पर हिंदी में हस्ताक्षर करने तथा आधिकारिक ई-मेल में हिंदी और अंग्रेजी का ऑटो सिग्नेचर निर्धारित करने पर जोर दिया।

उन्होंने शेष कार्यालयों, अनुभागों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों के नामपट्ट त्रिभाषी क्रम में प्रथम बांग्ला, द्वितीय हिंदी एवं तृतीय अंग्रेजी में तैयार कराने का निर्देश दिया। इसकी जिम्मेदारी संबंधित अनुभागों के राजभाषा नोडल अधिकारियों को सौंपी गई।

वरिष्ठ महाप्रबंधक सुकदेव खाँ ने एमआईएस एवं त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने पर जोर दिया। उन्होंने राजभाषा नोडल अधिकारियों को कार्यक्रमों एवं बैठकों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही आईटी सेल एवं राजभाषा अनुभाग को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित आधिकारिक अनुवाद सॉफ्टवेयर परियोजना के सभी कंप्यूटरों में तत्काल इंस्टॉल कराने को कहा।

बैठक में हिंदी पखवाड़ा-2026 के तहत विभिन्न अनुभागों में आयोजित गतिविधियों और निर्धारित लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। सूचना प्रौद्योगिकी, सिविल, संविदा एवं सामग्री, ईंधन प्रबंधन, भंडार, वित्त, मानव संसाधन, लेखा, अनुरक्षण योजना प्रकोष्ठ, रासायनिक प्रयोगशाला, वैद्युत, बायलर एवं कोलमील, सीएचपी, एएचपी तथा परिचालन सहित विभिन्न विभागों की प्रगति पर चर्चा हुई।

बैठक में वरिष्ठ महाप्रबंधक (ओ. एवं एम.) सुकदेव खाँ, महाप्रबंधक सत्य रंजन पांडा एवं अरुंधती मुखर्जी, उप महाप्रबंधक ऋषिकेश कुमार, पुलकेश चट्टोपाध्याय, बबलु घोष, मलय पात्र, मृणाल कांति मंडल, वरिष्ठ प्रबंधक पार्थ मुखोपाध्याय, सुनील गोराँई, जयंत कुमार यादव, विवेक कुमार सिन्हा, दिलीप कुमार, रवींद्र कुमार रवि, नवीन निश्चल, श्रीतम कुमार बिशोयी, सौकत सरकार, विनीता सरकार, मोहन जगनानी एवं सुधीर कुमार सहित विभिन्न अनुभागों के राजभाषा नोडल अधिकारी एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

अंत में उप महाप्रबंधक (मा.सं.) श्रीकांत गेडेला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसके बाद समिति अध्यक्ष के निर्देशानुसार बैठक की कार्यवाही समाप्त घोषित की गई।

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