डीवीसी, डीएसटीपीएस में कवि गोष्ठी, पुरस्कार वितरण एवं हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह आयोजित

डीवीसी, डीएसटीपीएस में कवि गोष्ठी, पुरस्कार वितरण एवं हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह आयोजित

तकनीक ने हिंदी में कार्य करना बनाया आसान—कंप्यूटर, मोबाइल, ई-मेल एवं डिजिटल माध्यमों के द्वारा हिंदी का प्रयोग अब पहले से अधिक सहज।’ — मुख्य महाप्रबंधक एवं रियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन

अंडाल  : राजभाषा कार्यान्वयन उप-समिति, दामोदर घाटी निगम, दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र, अंडाल के तत्वावधान में दिनांक 21 सितंबर, 2026 को कवि-गोष्ठी, पुरस्कार वितरण एवं हिंदी पखवाड़ा–2026 समापन समारोह का भव्य आयोजन प्लांट परिसर स्थित ट्रेनिंग हॉल में संपन्न हुआ।

समारोह का शुभारंभ ‘राष्ट्रगीत’ (वंदे मातरम्) के गायन एवं मंगलदीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए दामोदर घाटी निगम के कार्यपालक निदेशक (ईंधन) श्री सुनील कुमार पांडेय ने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक एवं सहज प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से राजभाषा हिंदी के प्रयोग को निरंतर बढ़ावा देने तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान श्री अनिल कुमार जैन ने कहा कि आज के तकनीकी युग में कंप्यूटर, मोबाइल, ई-मेल तथा विभिन्न डिजिटल माध्यमों ने हिंदी में कार्य करना पहले की अपेक्षा अत्यंत सुगम बना दिया है। जब भाषा हमारे कामकाज का स्वाभाविक हिस्सा बनती है, तभी राजभाषा का उद्देश्य वास्तव में सार्थक होता है। उन्होंने कहा कि राजभाषा संगोष्ठी जहाँ विचार-विमर्श एवं संवाद का अवसर प्रदान करती है, वहीं कवि-गोष्ठी हमारी भाषा को संवेदना और रचनात्मकता से जोड़ती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हिंदी पखवाड़ा केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रहकर दैनिक कार्यालयीन कार्यों में सहज व सरल हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने तकनीकी साधनों एवं डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए हिंदी को पूरे वर्ष अपनी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए राजभाषा के विकास को सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री सुकदेव खाँ और महाप्रबंधक श्री सत्य रंजन पांडा ने भी हिंदी पखवाड़े के सभी प्रतिभागियों व विजेताओं को बधाई दी। इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के वरिष्ठ हिंदी अधिकारी डॉ. राजीव कुमार रावत की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का स्वागत, सफल संयोजन एवं कुशल संचालन हिंदी अधिकारी श्री इस्माईल मियाँ द्वारा किया गया। अंत में उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री श्रीकांत गेडेला द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ समारोह का औपचारिक समापन हुआ।

कवि-गोष्ठी:

समारोह के दौरान आयोजित कवि-गोष्ठी में कनिष्ठ अभियंता श्री आकाश दीप ने अपनी ओजस्वी कविताओं से सभी को आकर्षित किया। वहीं, शायर मो. काशिफ अहसन ने अपनी असरदार शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर दोनों रचनाकारों को सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह एवं पुरस्कार वितरण:

राजभाषा चल वैजयंती शील्ड: वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजभाषा हिंदी में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन हेतु कार्यपालक निदेशक (ईंधन) श्री सुनील कुमार पांडेय द्वारा राख प्रबंधन प्रणाली (AMS), डीएसटीपीएस को “राजभाषा चल वैजयंती शील्ड” (प्रथम पुरस्कार प्रदान की गई जिसे उप महाप्रबबंधक श्री लक्ष्मीकांत मंडल, वरिष्ठ प्रबंधक श्री त्रिदीप्त दास सहित उनकी पूरी टीम ने ग्रहण किया। अनुरक्षण योजना प्रकोष्ठ (MPC), डीएसटीपीएस को “राजभाषा चल वैजयंती शील्ड” (द्वितीय पुरस्कार) प्रदान की गई जिसे उप महाप्रबबंधक श्री पुलकेश चट्टोपाध्याय, वरिष्ठ प्रबंधक श्रीए योगेश मिलन सहित उनकी पूरी टीम ने ग्रहण किया। । उक्त विभागों के संबंधित राजभाषा नोडल अधिकारी श्री निलेश बिस्वास, प्रबंधक (यांत्रिक) एवं श्रीमती अनुपमा तिवारी, प्रबंधक (विद्युत) को राजभाषा प्रशस्ति-पत्र व उपहार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।

हिंदी पखवाड़ा–2026 के अंतर्गत 01 से 21 सितंबर 2026 तक हिंदीतर एवं हिंदी भाषी कार्मिकों के लिए आयोजित पाँच प्रतियोगिताओं (सस्वर हिंदी कविता पाठ, प्रशासनिक/तकनीकी शब्द लेखन, हिंदी कंप्यूटर टंकण, हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन तथा राजभाषा प्रश्नोत्तरी) के 33 विजेताओं (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय) को अतिथियों के कर-कमलों से राजभाषा सम्मान सनद व पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रमुख प्रथम पुरस्कार विजेताओं में श्रीमती पारिजात चक्रवर्ती, श्री प्रदीप कुमार, श्रीमती सतरूपा मुखर्जी, श्री पिन्टू कुमार महतो, श्रीमती अनुपमा तिवारी, श्रीमती रीना यादव तथा श्रीमती प्रिया कुमारी रंजन शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त 27 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र दिए गए।

विशेष पुरस्कार: हिंदी डिक्टेशन योजना (वर्ष 2025-26): श्रीमती सौमिता रॉय, उप महाप्रबंधक (विद्युत), संविदा व सामग्री तथा श्री शमीम अहमद, वरिष्ठ प्रबंधक (सीएसआर) को ₹5,000/- के चेक डेमो सहित प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।

हिंदी नोटिंग/ड्राफ्टिंग योजना (वर्ष 2025): कुल 10 अधिकारियों/कर्मचारियों (प्रथम पुरस्कार ₹5,000/- के 02, द्वितीय पुरस्कार ₹3,000/- के 03 एवं तृतीय पुरस्कार ₹2,000/- के 05) को चेक डेमो व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

निर्णायक एवं सहयोगी सम्मान:

प्रतियोगिताओं के सफल मूल्यांकन हेतु 10 निर्णायकों—महाप्रबंधक श्री सत्य रंजन पांडा, उप महाप्रबंधक श्रीमती सौमिता रॉय, श्री विशाल अग्रवाल, श्री ऋषिकेश कुमार; वरिष्ठ प्रबंधक श्री विवेक कुमार सिन्हा, श्री सुधीर कुमार; प्रबंधक श्री आशीष सैनी; उप प्रबंधक श्री अतिश कुमार पंडा; कनिष्ठ अभियंता श्री सुभाशीष गुप्ता तथा सहायक ग्रेड-I (हिंदी) श्री अशोक कुमार कपूर को सम्मानित किया गया। साथ ही, आयोजन में सराहनीय सहयोग हेतु 02 सहयोगी कार्मिकों को भी सम्मानित किया गया। इस प्रकार समारोह में कुल 92 पुरस्कार/सम्मान वितरित किए गए।

उपस्थिति:

समारोह में विभिन्न अनुभागाध्यक्षों, कार्यालय प्रमुखों सहित बड़ी संख्या में परियोजना के अधिकारी व कर्मचारी उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।

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