स्वच्छता शपथ के साथ डीवीसी डीएसटीपीएस में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान शुरू

स्वच्छता शपथ के साथ डीवीसी डीएसटीपीएस में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान शुरू

अंडाल : दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के डीएसटीपीएस, अंडाल में गुरुवार को ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का शुभारंभ किया गया। मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रमुख (CGM & HOP) अनिल कुमार जैन के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्रीकांत गेडाला की सक्रिय सहभागिता रही।

17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान की थीम “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” है। अभियान के तहत स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सतत स्वच्छता व्यवहार विकसित करने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।

स्वच्छता शपथ के साथ अभियान की शुरुआत

डीएसटीपीएस के प्रशासनिक भवन में आयोजित स्वच्छता शपथ कार्यक्रम में करीब 80 अधिकारियों, कर्मचारियों, CISF कर्मियों, श्रमिकों और स्वच्छता कर्मियों ने हिंदी एवं अंग्रेजी में स्वच्छता शपथ ली। प्रतिभागियों ने कार्यस्थल एवं आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।

‘सेवा संकल्प’ के तहत प्रतिभागियों ने स्वच्छता संबंधी गतिविधियों के लिए 100 घंटे समर्पित करने का भी संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन एवं आयोजन हिंदी अधिकारी इस्माइल मियां तथा स्वच्छता ही सेवा 2026 के नोडल अधिकारी एम.डी. शमीम अहमद ने किया।

इस अवसर पर अनिल कुमार जैन ने स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए उचित कचरा प्रबंधन और निरंतर जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों एवं अन्य हितधारकों से स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

‘स्वच्छ पाठशाला’ से बच्चों में स्वच्छता का संदेश

अभियान के उद्घाटन दिवस पर ‘स्वच्छ पाठशाला–युवा फॉर स्वच्छता’ और ‘स्वच्छता ज्ञान यात्रा’ का भी आयोजन किया गया। इसमें श्रीरामपुर फ्री प्राइमरी स्कूल की कक्षा IV एवं V के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

विद्यार्थियों को कचरा पृथक्करण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, टिकाऊ जीवनशैली तथा 3R—Reduce, Reuse और Recycle के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को कुठिरडांगा, श्रीरामपुर स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पृथक्करण केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया।

यह केंद्र अंडाल पंचायत समिति और डीवीसी CSR, डीएसटीपीएस के सहयोग से संचालित तथा अंडाल ग्रे टू ग्रीन सोसाइटी द्वारा प्रबंधित है।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने जैव-अवक्रमणीय एवं गैर-जैव-अवक्रमणीय कचरे के पृथक्करण, प्लास्टिक एवं कांच के पुनर्चक्रण तथा खाद्य अपशिष्ट से बायो-कम्पोस्ट और वर्मी-कम्पोस्ट तैयार करने की प्रक्रिया को समझा।

इस दौरान ‘स्वच्छता संवाद’ आयोजित किया गया तथा विद्यार्थियों के बीच स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता पर चित्रकला प्रतियोगिता भी हुई। विद्यार्थियों को स्कूल बैग एवं पानी की बोतलें वितरित की गईं। प्रतियोगिता के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

2 अक्टूबर तक होंगे कई कार्यक्रम

अभियान के तहत 2 अक्टूबर तक विभिन्न स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कार्यालय भवनों की छतों की सफाई, व्यक्तिगत एवं मासिक धर्म स्वच्छता, महिला स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली पर स्वास्थ्य जांच व जागरूकता कार्यक्रम, फैक्ट्री कैंटीन के आसपास स्वच्छता अभियान, नारा प्रतियोगिता, जरूरतमंद बच्चों के बीच वस्त्र वितरण, कपड़े एवं जूट के थैलों का वितरण तथा प्लांट गेट के आसपास श्रमदान शामिल हैं।

इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर, प्रभात फेरी, चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता और एकल-उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ के तहत स्वच्छता कर्मियों के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिमों पर जागरूकता कार्यशाला, स्वास्थ्य जांच, ‘सर्वश्रेष्ठ स्वच्छता कर्मी पुरस्कार’ और स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया जाएगा।

2 अक्टूबर को होगा समापन

अभियान का समापन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर होगा। इस दौरान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत वृक्षारोपण, स्वच्छता संगोष्ठी और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण सहित अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

डीवीसी डीएसटीपीएस, अंडाल द्वारा आयोजित इस अभियान का उद्देश्य कर्मचारियों, विद्यार्थियों, श्रमिकों, CISF कर्मियों, स्वच्छता कर्मियों और स्थानीय समुदाय को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं टिकाऊ जीवनशैली से जोड़ना तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में विकसित करना है।

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